Posts

Showing posts from May, 2020

आम का पेड़

Image
आम का पेड़ Lkkuroj का राजा बड़ा ही न्याय प्रिय था A वह अपनी प्रजा के दुख - दर्द में बराबर काम आता था A प्रजा भी उसका बहुत आदर करती थी A एक दिन राजा गुप्त वेष में अपने राज्य में घूमने निकला तब रास्ते में देखता है कि एक वृद्ध एक छोटा सा पौधा रोप रहा है A   राजा कौतूहलवश उसके पास गया और बोला   यह आप किस चीज का पौधा लगा रहे हैं A वृद्ध ने धीमें स्वर में कहा A आम का !   राजा ने हिसाब लगाया कि उसके बड़े होने और उस पर फल आने में कितना समय लगेगा हिसाब लगाकर उसने अचरज से वृद्ध की ओर देखा और कहा सुनो दादा इस पौधै के बड़े होने और उस पर फल आने मे कई साल लग जाएंगे तब तक तुम क्या जीवित रहोगे वृद्ध ने राजा की ओर देखा राजा की आँखों में मायूसी थी उसे लग रहा था कि वह वृद्ध ऐसा काम कर रहा है   जिसका फल उसे नहीं मिलेगा   यह देखकर वृद्ध ने कहा आप सोच रहें होंगे कि मैं   पागलपन का काम कर रहा हूँ जिस ची...

विदेशी महिला की स्वामी विवेकानंद से शादी

विदेशी महिला की स्वामी विवेकानंद से शादी   एक विदेशी महिला ने विवेकानंद से कहा – मैं आपसे शादी करना चाहती हूँ”। विवेकानंद ने पूछा- “क्यों देवी ? पर मैं तो ब्रह्मचारी हूँ”।   महिला ने जवाब दिया -“क्योंकि मुझे आपके जैसा ही एक पुत्र चाहिए, जो पूरी दुनिया में मेरा नाम रौशन करे और वो केवल आपसे शादी करके ही मिल सकता है मुझे”।   विवेकानंद कहते हैं – “इसका और एक उपाय है”   विदेशी महिला पूछती है -“क्या”?   विवेकानंद ने मुस्कुराते हुए कहा -“आप मुझे ही अपना पुत्र मान लीजिये और आप मेरी माँ बन जाइए ऐसे में आपको मेरे जैसा पुत्र भी मिल जाएगा और मुझे अपना ब्रह्मचर्य भी नही तोड़ना पड़ेगा”   महिला हतप्रभ होकर विवेकानंद को ताकने लगी और रोने लग गयी,   ये होती है महान आत्माओ की विचार धारा ।   पूरे समुंद्र का पानी भी एक जहाज को नहीं डुबा सकता, जब तक पानी को जहाज अन्दर न आने दे।   इसी तरह दुनिया का कोई भी नकारात्मक विचार आपको नीचे नहीं गिरा सकता, जब तक आप उसे अपने अंदर आने की अनुमति न दें।